Friday, May 11, 2018

ये दिल.. ये पागल दिल मेरा - [3]

ये दिल ये पागल दिल मेरा-2
क्यों बुझ गया आवारगी
ये दिल... 
क्यों बुझ...
इस दश्त में इक शहर था-2
वो क्या हुआ
आवारगी !
ये दिल ये पागल...

कल शब मुझे बेशक्ल की-2
आवाज़ ने चौंका दिया
मैंने कहा तू कौन है-2
उसने कहा आवारगी
इस दश्त में इक शहर था-2
वो क्या हुआ
आवारगी !
ये दिल ये पागल...

ये दर्द की तन्हाईयाँ-2
ये दश्त का वीरान सफर
हम लोग तो उकता गए-2
अपनी सुना आवारगी
इस दश्त में इक शहर था-2
वो क्या हुआ
आवारगी !
ये दिल ये पागल...

इक अजनबी झोंके ने जब, पूछा मेरे गम का सबब-2
सहरा की भीगी रेत पर-2
मैंने लिखा आवारगी
इस दश्त में इक शहर था-2
वो क्या हुआ
आवारगी !
ये दिल ये पागल...

कल रात तनहा चाँद को, देखा था मैंने ख्वाब में-2
मोहसिन मुझऐ रास आएगी-2
शायद सदा आवारगी
ये दिल ये पागल... 
क्यों बुझ गया आवारगी
इस दश्त में इक शहर था-2
वो क्या हुआ
आवारगी  
                   
Performed By: Ustad Ghulam Ali
Movie: माटी मांगे खून(1984)
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